
हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने 3 अप्रैल 2025 को घोषणा की कि उनका देश अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) से बाहर हो रहा है। 2002 में स्थापित ICC से हटने वाला हंगरी पहला यूरोपीय देश बन गया है।
पीएम ओरबान के अनुसार, ICC अब एक राजनीतिक हथियार बन चुका है और न्याय के बजाय राजनीतिक एजेंडे चला रहा है। हंगरी ने 1998 में रोम संविधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे वह ICC के फैसलों को मानने के लिए बाध्य था।
ICC द्वारा इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद, हंगरी को उन्हें गिरफ्तार करना पड़ता। अब ICC से हटने के फैसले के बाद हंगरी इस बाध्यता से मुक्त हो गया है। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।